उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’: CM धामी

देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखते हुए प्रदेश के नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों को विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है। अभियान के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाया जाएगा। इसके साथ ही लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी जनता तक पहुंचाया जाएगा।

प्रदेशभर में होंगे 11 प्रमुख कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राज्य में 11 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ और योजनाओं के कारण उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में होंगे सामूहिक आयोजन

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए सरकारी योजनाओं के केंद्रों, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तट सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा नए मेडिकल कॉलेज, बांध, पुल, अमृत सरोवर और जन औषधि केंद्र जैसे विकास एवं जनकल्याण से जुड़े स्थलों पर भी सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों में विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’ से विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा

सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में ‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत ‘विकसित भारत’ के संकल्प तथा अगले 25 वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिताओं में चयनित चित्रों को विद्यालयों में प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रदर्शनियों से अभिभावकों और आम नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को व्यापक जनभागीदारी मिल सके।

विद्यालयों में मंचित होंगी देश की उपलब्धियों पर आधारित कहानियां

‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के माध्यम से देश की उपलब्धियों और विकास की यात्रा पर आधारित नाटकों का विद्यालयों में मंचन किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विकास यात्रा और उपलब्धियों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी तथा समाज के लिए योगदान की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।

आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता

अभियान के तहत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इन कार्यक्रमों में मातृ-बाल स्वास्थ्य, पोषण और मातृ-शिशु कल्याण से संबंधित जानकारी पर विशेष जोर रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावकों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि इन कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

‘सेवा की कहानियों’ में सामने आएंगे लाभार्थियों के अनुभव

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा की कहानियों’ के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य स्तर की विभिन्न योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाया जाएगा।

लाभार्थियों के अनुभवों और सफलता की कहानियों को भाषण, चित्रकला और कहानी के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा। इसके जरिए लोगों को यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का धरातल पर किस तरह लाभ मिल रहा है और इनसे आम नागरिकों के जीवन में किस प्रकार बदलाव आया है।

‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ से दिया जाएगा विकसित भारत का संदेश

‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत किसी प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत 2047’ से संबंधित कलश की स्थापना प्रस्तावित है। इसके बाद कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कलश यात्रा के साथ साइकिल यात्रा और बाइक यात्रा भी आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ना और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।

‘सेवा : मेरा योगदान’ से नागरिक बनेंगे अभियान का हिस्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा : मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके अंतर्गत वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, शिक्षण कार्य और अन्य सामाजिक सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता तभी संभव है, जब नागरिक स्वयं इसमें सक्रिय भागीदार बनें। इसी उद्देश्य से लोगों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार विभिन्न सेवा गतिविधियों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

‘सेवा सेतु’ के तहत जन-जन के द्वार पहुंचेगी सरकार

‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ राज्य सरकार की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिविरों में लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें योजनाओं का लाभ लेने में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर और बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।

रंगोली के जरिए दिखेगी ‘विकसित भारत 2047’ की तस्वीर

‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के माध्यम से रंगोली के जरिए ‘विकसित भारत 2047’ की दृष्टि को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें नागरिकों और विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विकसित भारत के विचार को आम लोगों तक पहुंचाने और इसे जनअभियान का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।

‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में समाधान खोजेंगे युवा और विशेषज्ञ

अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को जोड़ा जाएगा और वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समस्या-विवरणियां प्राप्त की जाएंगी।

इस पहल में IITs, IIMs और विशेषज्ञों को ज्यूरी एवं मेंटर के रूप में जोड़ने की परिकल्पना की गई है। चयनित नवाचारों को संरक्षण, मार्गदर्शन और परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचारों के अनुमोदन, परीक्षण और नियामकीय सहयोग के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उपयोगी विचारों को धरातल पर उतारा जा सके।

‘सुशासन सेवा संवाद’ में जनप्रतिनिधियों से होगा संवाद

‘सुशासन सेवा संवाद’ कार्यक्रम के तहत सेवा और सुशासन के विषय पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया जाएगा। इसमें सरकार की योजनाओं, उनके क्रियान्वयन और जनता तक उनके लाभ पहुंचाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की फोटो, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव और सकारात्मक बदलाव की कहानियों को मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।

सिर्फ उपलब्धियां बताना नहीं, नागरिकों को भागीदार बनाना उद्देश्य: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मूल भाव सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को केवल प्रदर्शित करना नहीं है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सेवा, संवाद, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का सक्रिय सहभागी बनाना है।

उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की यात्रा से जोड़ने के लिए अभियान के दौरान व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

‘देवभूमि’ से प्रधानमंत्री का विशेष लगाव: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मन-भूमि देवभूमि उत्तराखंड है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है और इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में प्रत्येक देशवासी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। इसलिए सेवा संकल्प अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

हर जिले में व्यापक रूप से मनाया जाएगा अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में विस्तृत रूप से आयोजित किया जाएगा। अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों में संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

उन्होंने कहा कि अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और समाज के विभिन्न वर्गों को इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि यह केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक व्यापक जनअभियान का रूप ले सके।

‘उत्तराखंड का दशक’ के संकल्प को जनसमर्थन से आगे बढ़ाएंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए राज्य के विकास, जनभागीदारी और सेवा भावना को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा और ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक लक्ष्य में उत्तराखंड की भूमिका को मजबूत किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, राम सिंह कैड़ा और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।