केंद्र सरकार की योजनाओं पर 3 बड़े अपडेट
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ग्रामीण विकास, पंचायतों के सशक्तिकरण और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले किए हैं। इन फैसलों का असर देश के ग्रामीण क्षेत्रों, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और ईएसआईसी से जुड़े नियोक्ताओं एवं बीमित कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
आइए जानते हैं केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़ी तीन बड़ी अपडेट।
1. प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी, 7,395 करोड़ रुपये होंगे खर्च
केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को मंजूरी दी है। इस योजना पर वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 7,395.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 4,869.48 करोड़ रुपये और राज्य सरकारों की हिस्सेदारी 2,526.07 करोड़ रुपये होगी।
योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाना और गांवों के विकास की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करना है।
इसके तहत:
- देश की 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।
- करीब 32 लाख निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
- ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
- पंचायतों में पारदर्शिता, ऑनलाइन ऑडिट और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से गांवों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की योजना बनाने पर जोर दिया जाएगा।
2. गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन
असंगठित क्षेत्र और गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड अधिसूचित किया है।
इस बोर्ड में सरकार, कंपनियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
बोर्ड का प्रमुख उद्देश्य श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी पर सलाह देना है।
इससे डिलीवरी पार्टनर, ऐप आधारित कैब चालक और अन्य प्लेटफॉर्म वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नीतिगत स्तर पर चर्चा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, बोर्ड के गठन का मतलब यह नहीं है कि सभी श्रमिकों को तत्काल कोई नई नकद सहायता मिलना शुरू हो गई है।
3. ESIC की एमनेस्टी योजना की समय सीमा बढ़ी
केंद्र सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की न्यू एमनेस्टी स्कीम 2025 की अवधि में तीन महीने का विस्तार किया है।
अब यह योजना 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इससे पहले इसकी अवधि 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित थी।
इस फैसले से नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को लंबित मामलों के समाधान के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय से उन संस्थानों और संबंधित लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो ईएसआईसी से जुड़े पुराने विवादों या लंबित मामलों का निपटारा करना चाहते हैं।
आम लोगों के लिए क्या है खास?
केंद्र सरकार के इन फैसलों में तीन अलग-अलग क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना से पंचायतों की कार्यक्षमता और ग्रामीण विकास को मजबूती देने का लक्ष्य है।
वहीं, गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन श्रमिक कल्याण से जुड़े नीतिगत प्रयासों को आगे बढ़ाता है। ESIC एमनेस्टी योजना का विस्तार लंबित मामलों के निपटारे के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करता है।
नोट: किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और दिशा-निर्देश अवश्य देखें।