उत्तराखंड की श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी दूसरे राज्यों के लिए मिसाल

देहरादून। उत्तराखंड की मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (CMSSY) अब दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की एक टीम ने उत्तराखंड पहुंचकर योजना की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के मॉडल का अध्ययन किया।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश राज्य श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त जुनैद के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य जांच सुविधाओं और योजना की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

60 हजार निर्माण श्रमिकों को मिल चुकी है स्वास्थ्य जांच की सुविधा

बैठक में उत्तराखंड के श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का ने यूपी की टीम को योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना तथा जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सा परामर्श और रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

श्रमायुक्त के अनुसार, राज्य में उपलब्ध व्यवस्थाओं और संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए अब तक लगभग 60,000 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। खास बात यह है कि योजना के संचालन में बिना किसी अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के तकनीकी नवाचार, बेहतर प्रबंधन और विभागीय समन्वय का उपयोग किया गया है।

तकनीकी व्यवस्था और स्वास्थ्य शिविरों की प्रक्रिया समझी

उत्तर प्रदेश की टीम ने योजना की तकनीकी संरचना, श्रमिकों के पंजीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच शिविरों के संचालन और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी ली। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों की पहचान और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कार्यप्रणाली को भी समझा।

टीम ने उत्तराखंड के इस मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस पहल से दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण योजनाओं में अनुभव साझा करने और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अपनाने का रास्ता खुल सकता है।

श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अहम पहल

मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता से जोड़ना भी है।

उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की यह पहल सीमित अतिरिक्त संसाधनों में अधिक श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के मॉडल के रूप में सामने आई है। उत्तर प्रदेश की टीम का दौरा इसी मॉडल को समझने और दूसरे राज्यों में उपयोगी व्यवस्थाएं विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।