केंद्र सरकार की बड़ी अपडेट: दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में बदलाव
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार ने देश के बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से देशभर के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।
दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में क्या बदलाव हुआ?
केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के पात्रता मानकों में बदलाव को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के तहत दिव्यांगता की निर्धारित सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। इसके साथ ही पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को भी बदला गया है, ताकि जन्म से दिव्यांग व्यक्ति भी निर्धारित पात्रता के अनुसार योजना के दायरे में आ सकें।
सरकार की घोषणा के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन के तहत सहायता राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है:
- 0 से 79 वर्ष की आयु: 375 रुपये प्रति माह।
- 80 वर्ष और उससे अधिक आयु: 625 रुपये प्रति माह।
यह केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित सहायता राशि है। राज्य सरकारें अपनी योजनाओं के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकती हैं।
बुजुर्गों और विधवा महिलाओं की पेंशन का क्या होगा?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन योजनाओं को भी जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं के नाम में बदलाव किया गया है।
- प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना: पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के नाम से संचालित थी।
- प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना: पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के नाम से संचालित थी।
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना: पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना के नाम से संचालित थी।
- प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना: पहले राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के नाम से जानी जाती थी।
वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना को मौजूदा स्वरूप में जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इनके लिए पात्रता और लाभ से संबंधित लागू नियमों का पालन करना होगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
केंद्र सरकार के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन की संशोधित पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अगले तीन महीनों के भीतर जारी किए जाएंगे। इसलिए लाभार्थियों को नए नियमों के क्रियान्वयन और आवेदन प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक निर्देशों का इंतजार करना चाहिए।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके अंतर्गत पात्र बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले परिवारों को सहायता दी जाती है।
हालांकि, केवल योजना का नाम बदलने से हर व्यक्ति स्वतः पात्र नहीं हो जाता। लाभ पाने के लिए संबंधित योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
लाभार्थी कहां से प्राप्त करें जानकारी?
पेंशन योजना की पात्रता, आवेदन और नवीनतम दिशा-निर्देशों के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा संबंधित राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
केंद्र सरकार के इस फैसले का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को जारी रखते हुए दिव्यांगजनों की पेंशन व्यवस्था में पात्रता संबंधी बदलाव करना है। विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद आवेदन और क्रियान्वयन की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी।