Government Scheme Update: दिव्यांग पेंशन योजना में बड़ा बदलाव, अब जन्म से मिल सकेगा लाभ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है।

भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस फैसले में दिव्यांग पेंशन से जुड़े पात्रता नियमों में बदलाव भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य अधिक पात्र दिव्यांगजनों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। <Cite refs={["turn819207search20"]}/>

दिव्यांग पेंशन के नियमों में क्या बदला?

सरकार की ओर से घोषित प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

  • न्यूनतम आयु सीमा समाप्त: दिव्यांग पेंशन के लिए पहले लागू 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा हटा दी गई है। अब पात्रता जन्म से हो सकती है।
  • दिव्यांगता का मानदंड बदला: अब 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता का मानदंड लागू होगा। पहले 80 प्रतिशत की सीमा थी।
  • पेंशन राशि में बदलाव: केंद्र की सहायता 0 से 79 वर्ष की आयु के लिए ₹375 प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लिए ₹625 प्रतिमाह निर्धारित की गई है।
  • लाभार्थियों का दायरा बढ़ा: दिव्यांग पेंशन योजना के संभावित लाभार्थियों की संख्या 8.33 लाख से बढ़ाकर 27.48 लाख बताई गई है। <Cite refs={["turn819207search20"]}/>

अब योजना के नाम भी बदले गए

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली योजनाओं के नाम भी बदल दिए गए हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और परिवार लाभ योजना शामिल हैं।

इनके नए नाम इस प्रकार हैं:

  1. प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
  2. प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
  3. प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
  4. प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

सरकार के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना पहले की व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगी। प्रमुख बदलाव दिव्यांग पेंशन की पात्रता और केंद्रीय सहायता से जुड़े हैं। <Cite refs={["turn819207search20"]}/>

किन लोगों को मिल सकता है लाभ?

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे आने वाले पात्र परिवारों के लिए सामाजिक सहायता उपलब्ध कराता है। हालांकि, केवल दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना ही पर्याप्त नहीं है। संबंधित योजना के पात्रता नियम, आयु, परिवार की स्थिति और अन्य निर्धारित शर्तें भी लागू होंगी।

केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकारें भी अपनी ओर से पेंशन राशि में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसलिए लाभार्थियों को अपनी राज्य सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग से लागू नियमों और कुल मिलने वाली पेंशन की पुष्टि करनी चाहिए।

आवेदन कैसे करें?

पात्रता की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए अपने जिले के समाज कल्याण विभाग, संबंधित पेंशन कार्यालय या अधिकृत सरकारी सेवा केंद्र से संपर्क करें। आवेदन करते समय आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, दिव्यांगता प्रमाणपत्र और आय या परिवार से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित राज्य के नियमों के अनुसार जांचें।