Uttarakhand News: कथित वायरल ऑडियो मामले में CM धामी सख्त
देहरादून। उत्तराखंड में कथित वायरल ऑडियो प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने बालक राम की बेटी दीक्षा से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और परिवार को हरसंभव सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। साथ ही देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित परिवार से CM धामी ने की बातचीत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षा से बातचीत के दौरान मामले से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या परिवार को भय के माहौल में रहने के लिए मजबूर नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार परिवार के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
क्या है कथित वायरल ऑडियो का मामला?
मामला चकराता क्षेत्र के बालक राम और उनके परिवार से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित ऑडियो को लेकर आरोप लगाए गए हैं कि कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह तथा राजपाल सिंह ने बालक राम और उनके परिवार के साथ फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकियां दीं।
बालक राम की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को उन्हें कई बार फोन किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटियों को कांग्रेस पार्टी से जुड़ने के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर धमकियां दी गईं।
शिकायत में यह भी आरोप है कि बाद में संबंधित लोग अन्य व्यक्तियों के साथ बिजलीघर पहुंचे और वहां बालक राम के बारे में पूछताछ करते हुए धमकी दी। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
SSP को निष्पक्ष जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करने और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। मामले में कथित ऑडियो की सत्यता, शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित घटनाक्रम की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और सहयोग का आश्वासन दिया है। पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।