PMGKAY में बड़ा बदलाव: अब डिजिटल करेंसी से मिलेगा सरकारी लाभ
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की प्रमुख खाद्य सुरक्षा योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के लाभ वितरण को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 14 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में CBDC यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की शुरुआत की।
क्या है नई व्यवस्था?
नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी लाभ को तकनीक आधारित, पारदर्शी और लक्षित तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। केंद्र सरकार के अनुसार, CBDC आधारित DBT से कल्याणकारी योजनाओं में लाभार्थियों की सही पहचान और भुगतान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने इसे देश के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के डिजिटल रूपांतरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
इन दो केंद्र शासित प्रदेशों से हुई शुरुआत
CBDC आधारित DBT की शुरुआत चंडीगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली में की गई है। इस पहल को भविष्य में डिजिटल तकनीक के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के व्यापक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
लाभार्थियों को क्या फायदा होगा?
सरकार के मुताबिक नई व्यवस्था से सरकारी सहायता के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसका एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इसके अलावा डिजिटल प्रणाली के इस्तेमाल से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में भुगतान प्रक्रिया को अधिक तकनीक-सक्षम और पारदर्शी बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
PMGKAY क्यों है महत्वपूर्ण?
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्र सरकार अब इस योजना के वितरण तंत्र को डिजिटल तकनीक से और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सरकार का कहना है कि CBDC आधारित DBT व्यवस्था डिजिटल, पारदर्शी और लक्षित कल्याण वितरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार।