टाइल्स के बीच पड़ रही दरार? मिस्त्री बुलाने से पहले घर पर ऐसे करें ग्राउट रिपेयर
नई दिल्ली। घर में नई टाइल्स लगने के बाद फर्श का लुक काफी बेहतर नजर आता है, लेकिन समय बीतने के साथ टाइल्स के बीच भरा ग्राउट टूटने या निकलने लगता है। कई बार इन जगहों पर बारीक दरारें दिखाई देने लगती हैं। इससे फर्श की खूबसूरती तो प्रभावित होती ही है, साथ ही पानी और गंदगी के टाइल्स के बीच जाने का रास्ता भी बन सकता है।
हालांकि, हर बार ऐसी समस्या के लिए मिस्त्री बुलाने या पूरी टाइल बदलवाने की जरूरत नहीं होती। अगर टाइल मजबूती से अपनी जगह लगी है और केवल उसके बीच का ग्राउट खराब हुआ है, तो छोटी मरम्मत घर पर की जा सकती है।
आखिर क्यों टूटता है टाइल्स का ग्राउट?
दो टाइल्स के बीच मौजूद पतली जगह को ग्राउट से भरा जाता है। इसका काम टाइल्स के बीच के जोड़ को भरने के साथ धूल और पानी की पहुंच को कम करना भी है।
समय के साथ तापमान और नमी में बदलाव के कारण टाइल्स में मामूली फैलाव और सिकुड़न हो सकती है। इसका दबाव टाइल्स के जोड़ पर पड़ता है और ग्राउट में दरारें आने लगती हैं।
बाथरूम, रसोई, बालकनी और वॉश एरिया जैसे स्थानों पर यह समस्या अपेक्षाकृत जल्दी दिखाई दे सकती है, क्योंकि यहां टाइल्स के जोड़ बार-बार पानी और नमी के संपर्क में आते हैं।
पहले पता करें, समस्या सिर्फ ग्राउट में है या टाइल में
मरम्मत शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि खराबी वास्तव में कहां है।
अगर टाइल अपनी जगह मजबूती से लगी हुई है और केवल दोनों टाइल्स के बीच का ग्राउट टूट रहा है, तो उसे हटाकर नया ग्राउट भरना एक विकल्प हो सकता है।
लेकिन अगर टाइल पैर रखने पर हिलती है, दबाने पर आवाज करती है, उसके नीचे से खोखली आवाज आती है या टाइल खुद भी टूट गई है, तो केवल नया ग्राउट लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। ऐसी स्थिति में टाइल के नीचे की बेस सतह या अन्य अंदरूनी समस्या की जांच जरूरी हो सकती है।
घर पर ऐसे करें टूटा हुआ ग्राउट रिपेयर
अगर समस्या केवल ग्राउट तक सीमित है, तो छोटी जगह की मरम्मत इस तरह की जा सकती है:
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पुराना ग्राउट हटाएं: दरार वाले हिस्से से पुराने और ढीले ग्राउट को सावधानी से निकालें।
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जोड़ की सफाई करें: ग्राउट निकालने के बाद वहां मौजूद धूल और मलबे को अच्छी तरह साफ करें।
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नया ग्राउट तैयार करें: पैकेट पर दिए निर्देश के अनुसार ग्राउट तैयार करें। पानी की मात्रा निर्देश के मुताबिक ही रखें।
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जोड़ में भरें: नए ग्राउट को टाइल्स के बीच की खाली जगह में अच्छी तरह भरें और सतह को बराबर कर दें।
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अतिरिक्त सामग्री साफ करें: आसपास की टाइल्स पर लगा अतिरिक्त ग्राउट सूखने से पहले साफ कर दें।
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सूखने का समय दें: नया ग्राउट पूरी तरह सेट होने तक उस जगह पर पानी डालने, फर्श धोने या भारी सामान रखने से बचें।
पुराने ग्राउट के ऊपर नया ग्राउट लगाने से बचें
अगर पुराना ग्राउट पहले ही टूटकर निकल रहा है, तो उसके ऊपर सीधे नया ग्राउट भरना सही तरीका नहीं माना जाता। कमजोर पुरानी परत के साथ नई परत की पकड़ भी प्रभावित हो सकती है।
इसलिए पहले ढीले और टूटे हुए ग्राउट को हटाना, जोड़ को साफ करना और उसके बाद नई सामग्री भरना बेहतर तरीका है।
बाथरूम और किचन में रखें खास ध्यान
जहां लगातार पानी और नमी रहती है, वहां ग्राउट के जल्दी खराब होने की संभावना बढ़ सकती है। अगर नया ग्राउट लगाने के कुछ समय बाद उसी जगह फिर से दरार पड़ जाए या ग्राउट निकलने लगे, तो समस्या केवल ऊपर की सतह तक सीमित नहीं हो सकती।
खासकर यदि टाइल्स के नीचे वॉटरप्रूफिंग या बेस से जुड़ी समस्या हो, तो केवल ग्राउट बदलने से स्थायी समाधान नहीं मिलेगा।
भारी सामान से भी बढ़ सकता है दबाव
सोफा, अलमारी, वॉशिंग मशीन या अन्य भारी सामान से फर्श पर दबाव पड़ सकता है। यदि टाइल पहले से कमजोर बेस पर लगी हो, तो अतिरिक्त दबाव समस्या को बढ़ा सकता है। इसी तरह कोई भारी वस्तु जोर से गिरने पर भी टाइल या उसके जोड़ में दरार आ सकती है।
कब मिस्त्री या एक्सपर्ट की जरूरत है?
अगर एक ही जगह बार-बार ग्राउट टूट रहा है, टाइल हिल रही है, नीचे से खोखली आवाज आ रही है या टाइल में भी दरार दिखाई दे रही है, तो केवल ऊपर से ग्राउट भरने के बजाय समस्या की जड़ की जांच कराना बेहतर है।
छोटी और सतही ग्राउट समस्या को DIY तरीके से ठीक किया जा सकता है, लेकिन बार-बार होने वाली या टाइल के नीचे से जुड़ी समस्या के लिए विशेषज्ञ की जांच जरूरी हो सकती है।
नोट: यह जानकारी सामान्य घरेलू रखरखाव के लिए है। किसी भी मरम्मत से पहले इस्तेमाल किए जा रहे ग्राउट के निर्माता के निर्देश जरूर देखें।