दरवाजा खोलते ही आती है चर्र-चर्र की आवाज? घर पर ऐसे करें ठीक,
नई दिल्ली। घर का लकड़ी का दरवाजा खोलते या बंद करते समय अगर लगातार चर्र-चर्र या कर्कश आवाज करता है, तो हर बार बढ़ई को बुलाने की जरूरत नहीं है। कई बार यह समस्या ढीले स्क्रू, कब्जे में घर्षण, जंग या दरवाजे और फ्रेम के सही अलाइनमेंट में न होने की वजह से होती है। इन छोटी समस्याओं को घर पर ही जांचकर ठीक किया जा सकता है।
सबसे पहले जांचें दरवाजे के ढीले स्क्रू
लकड़ी का भारी दरवाजा छोटे-छोटे कब्जों के सहारे टिका रहता है। लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद कब्जे के स्क्रू ढीले हो सकते हैं। इससे दरवाजा थोड़ा नीचे झुक सकता है और फ्रेम से रगड़ खाने पर आवाज आने लगती है।
ऐसी स्थिति में सबसे पहले सभी कब्जों के स्क्रू चेक करें। जो स्क्रू ढीले हों, उन्हें पेचकस की मदद से अच्छी तरह कस दें।
अगर स्क्रू घूमता रहे और लकड़ी में उसकी पकड़ न बने, तो संभव है कि स्क्रू का छेद ढीला हो चुका हो।
स्क्रू का छेद ढीला हो गया है तो अपनाएं यह तरीका
ढीले स्क्रू के छेद में लकड़ी की माचिस की तीली का हिस्सा लगाया जा सकता है। इसके लिए तीली पर थोड़ा वुड ग्लू लगाकर उसे छेद में डालें। ग्लू सूखने के बाद बाहर निकले हिस्से को काटकर सतह के बराबर कर दें।
इसके बाद जरूरत के अनुसार थोड़ा लंबा स्क्रू लगाकर उसे कसें। इससे स्क्रू को दोबारा लकड़ी में बेहतर पकड़ मिल सकती है। हालांकि, बहुत भारी दरवाजे या ज्यादा खराब कब्जे की स्थिति में विशेषज्ञ या बढ़ई की मदद लेना सुरक्षित रहेगा।
स्क्रू ठीक हैं तो कब्जे के पिन पर दें ध्यान
अगर स्क्रू कसने के बाद भी आवाज बंद नहीं होती, तो कब्जे के पिन में घर्षण इसकी वजह हो सकता है। दरवाजे को मजबूत सहारा देकर पिन को सावधानी से निकालें और उसे साफ करें।
इसके बाद पिन पर हल्की पैराफिन वैक्स या मोम लगाई जा सकती है। ड्राई सिलिकॉन स्प्रे भी एक विकल्प है। फिर पिन को वापस अपनी जगह पर लगाएं।
जंग और गंदगी भी हो सकती है वजह
नमी के कारण दरवाजे के कब्जे और उसके पिन पर जंग लग सकती है। जंग या गंदगी दिखाई दे तो उसे बारीक स्टील वूल से साफ किया जा सकता है। सफाई के बाद सूखे कपड़े से पोंछकर पिन को दोबारा लगाया जा सकता है।
सिर्फ ऊपर से लुब्रिकेंट डालने के बजाय पहले जंग और गंदगी साफ करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
बंद करते समय आवाज आए तो फ्रेम चेक करें
अगर आवाज मुख्य रूप से दरवाजा बंद करते समय आती है, तो दरवाजे और फ्रेम का अलाइनमेंट जरूर देखें। फ्रेम की स्थिति में थोड़ा बदलाव होने पर दरवाजा उससे रगड़ खा सकता है या कब्जे पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
जरूरत पड़ने पर कब्जे की प्लेट के पीछे बहुत पतली कार्डबोर्ड लेयर या हिंग शिम लगाकर उसकी स्थिति को थोड़ा समायोजित किया जा सकता है। यह काम सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि गलत एडजस्टमेंट से दरवाजा और टेढ़ा हो सकता है।
पुराने पेंट की मोटी परत भी बन सकती है कारण
पुराने लकड़ी के दरवाजों में कई बार कब्जे के आसपास पेंट की मोटी परत जमा हो जाती है। इससे कब्जा लकड़ी पर ठीक तरह से नहीं बैठ पाता और घर्षण बढ़ने से आवाज पैदा हो सकती है।
ऐसे में अतिरिक्त पेंट को स्क्रेपर की मदद से सावधानी से हटाया जा सकता है। इससे कब्जे की फिटिंग बेहतर हो सकती है और घर्षण कम होने पर आवाज भी कम हो सकती है।
बहुत पुराने कब्जे हैं तो बदलना बेहतर
अगर स्क्रू कसने, सफाई करने और जंग हटाने के बाद भी चर्र-चर्र की आवाज बनी रहती है, तो संभव है कि कब्जे काफी घिस चुके हों। ऐसी स्थिति में कब्जे बदलना बेहतर विकल्प हो सकता है।
भारी लकड़ी के दरवाजों के लिए बॉल-बेयरिंग वाले कब्जे इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिनमें घर्षण कम होता है। हालांकि, कब्जा बदलने का काम दरवाजे के वजन और फिटिंग को देखते हुए सावधानी से करना चाहिए।
ध्यान रखें
दरवाजे की मरम्मत करते समय उसके वजन को ध्यान में रखें। पिन या कब्जा निकालने से पहले दरवाजे को पर्याप्त सहारा दें। अगर दरवाजा बहुत भारी है, कब्जा बुरी तरह क्षतिग्रस्त है या फ्रेम की संरचना में समस्या है, तो खुद मरम्मत करने के बजाय किसी अनुभवी बढ़ई की मदद लेना उचित रहेगा।