घर में उगाएं रीठे का पौधा, बालों से कपड़ों तक आएगा काम
नई दिल्ली। बदलते समय के साथ लोग अब अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए प्राकृतिक चीजों की ओर भी रुख कर रहे हैं। खासकर बालों की देखभाल और घर की सफाई में केमिकल वाले प्रोडक्ट्स के विकल्प के तौर पर कई पारंपरिक चीजों का इस्तेमाल फिर से बढ़ रहा है। इन्हीं में से एक है रीठा, जिसका इस्तेमाल सदियों से बाल धोने और प्राकृतिक सफाई के लिए किया जाता रहा है। रीठे के फल से तैयार घोल को प्राकृतिक क्लीनर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
रीठे को अंग्रेजी में Soapnut कहा जाता है। इसके फल के बाहरी हिस्से में प्राकृतिक रूप से सैपोनिन नामक पदार्थ पाया जाता है। पानी के संपर्क में आने पर सैपोनिन झाग पैदा करता है, जिसकी वजह से रीठे का इस्तेमाल प्राकृतिक साबुन और क्लीनिंग एजेंट के रूप में किया जाता है। यही कारण है कि आज भी कई लोग बालों और कपड़ों की सफाई में रीठे का इस्तेमाल करते हैं।
अगर आपके घर में पर्याप्त जगह है तो आप रीठे का पौधा खुद भी लगा सकते हैं। इसे बीज से तैयार किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि रीठा कोई छोटा सजावटी पौधा नहीं है, बल्कि समय के साथ बड़ा पेड़ बन सकता है। इसलिए इसे लगाने से पहले जगह का सही चुनाव करना जरूरी है।
पके रीठे से निकालें बीज
रीठे का पौधा तैयार करने के लिए सबसे पहले अच्छे और पके हुए रीठे के फल का चुनाव करें। फल से बीज निकालकर उसके ऊपर चिपके गूदे को अच्छी तरह साफ कर लें। बीज को साफ पानी से धोने के बाद कुछ समय के लिए सुखाया जा सकता है।
बीज को सीधे मिट्टी में बोने से पहले मिट्टी तैयार करना जरूरी है। गमले में सामान्य बगीचे की मिट्टी के साथ जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाया जा सकता है। मिट्टी बहुत ज्यादा भारी नहीं होनी चाहिए और उसमें पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए।
बीज को मिट्टी में ज्यादा गहराई पर न दबाएं। उसे उचित गहराई पर लगाकर ऊपर से हल्की मिट्टी डालें और पानी दें। इसके बाद गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिलती हो।
अंकुर निकलने में लग सकता है समय
रीठे के बीज से पौधा तैयार होने में समय लग सकता है। इसलिए बीज लगाने के बाद तुरंत अंकुर निकलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इस दौरान मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है।
हालांकि, जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए। लगातार पानी जमा रहने से बीज सड़ सकता है और पौधे की शुरुआती ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसलिए पानी देने से पहले मिट्टी की स्थिति जरूर जांचें।
जब बीज से छोटा पौधा निकल आए तो उसकी नियमित देखभाल करें। पौधे को पर्याप्त रोशनी मिलती रहे और उसके आसपास खरपतवार या दूसरी अनावश्यक वनस्पतियां न बढ़ने दें।
गमले में भी लगा सकते हैं रीठा
अगर आपके घर में जमीन की जगह नहीं है तो शुरुआत में रीठे का पौधा गमले में भी लगाया जा सकता है। इसके लिए पर्याप्त गहराई और चौड़ाई वाला गमला चुनना बेहतर होगा।
छोटे पौधे के लिए शुरुआत में कंटेनर ठीक रहता है, लेकिन पौधा बढ़ने के साथ उसकी जड़ों को अधिक जगह की जरूरत होगी। ऐसे में उसे समय-समय पर बड़े गमले में शिफ्ट किया जा सकता है।
अगर घर में खुली जमीन उपलब्ध है तो पौधे के थोड़ा मजबूत होने के बाद इसे जमीन में लगाया जा सकता है। जमीन में लगाने से पेड़ को जड़ें फैलाने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।
रीठे के पेड़ के लिए कैसी जगह चुनें?
रीठे का पेड़ समय के साथ काफी बड़ा हो सकता है। इसलिए इसे घर की दीवार, छत, बिजली की तारों या ऐसी जगह के बिल्कुल पास न लगाएं जहां भविष्य में पेड़ के बढ़ने से परेशानी हो सकती है।
ऐसी खुली जगह चुनें जहां पौधे को पर्याप्त धूप मिल सके और उसकी शाखाओं को फैलने की जगह मिले। पेड़ को आसपास पर्याप्त स्थान मिलने से उसकी वृद्धि बेहतर तरीके से हो सकती है।
मिट्टी में पानी जमा होना है नुकसानदायक
रीठे के पौधे की देखभाल में सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है पानी की निकासी। ऐसी मिट्टी में पौधा लगाने से बचें जहां पानी लंबे समय तक जमा रहता हो।
गमले में पौधा लगा रहे हैं तो उसके नीचे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए। इससे अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है। बारिश के दिनों में विशेष सावधानी बरतें और अगर गमले में पानी जमा हो रहा है तो उसे निकालने की व्यवस्था करें।
धूप और पानी का रखें संतुलन
रीठे के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे प्राकृतिक रोशनी मिलती रहे। छोटे पौधे को मिट्टी सूखने के अनुसार पानी दें।
पानी देने का कोई एक निश्चित अंतराल हर मौसम में समान नहीं होता। गर्मी में मिट्टी जल्दी सूख सकती है, जबकि बारिश या ठंड के मौसम में पानी की जरूरत कम हो सकती है। इसलिए केवल कैलेंडर के हिसाब से पानी देने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर सिंचाई करना बेहतर है।
कब मिलेगा रीठे का फल?
रीठे के पेड़ को फल देने में काफी समय लग सकता है। इसलिए अगर आपने बीज से पौधा तैयार किया है तो फल मिलने के लिए धैर्य रखना होगा। पेड़ के परिपक्व होने के बाद इसमें फल आना शुरू होते हैं।
पकने के बाद रीठे के फलों को इकट्ठा किया जा सकता है। इन्हें सुखाकर लंबे समय तक रखा जा सकता है और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।
बालों की सफाई में ऐसे इस्तेमाल होता है रीठा
रीठे का सबसे लोकप्रिय पारंपरिक इस्तेमाल बाल धोने के लिए किया जाता है। इसके सूखे छिलकों को पानी में भिगोकर या उबालकर एक घोल तैयार किया जाता है। ठंडा होने के बाद इसे छान लिया जाता है और प्राप्त तरल का इस्तेमाल बालों की सफाई में किया जा सकता है।
रीठे में मौजूद प्राकृतिक सैपोनिन सफाई में मदद करता है और पानी में झाग भी पैदा करता है। इसी कारण इसे प्राकृतिक शैंपू का विकल्प माना जाता है।
हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा और बालों की संवेदनशीलता अलग होती है। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। तैयार घोल को आंखों में जाने से बचाएं। अगर इस्तेमाल के बाद जलन, खुजली या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए।
कपड़ों की सफाई में भी इस्तेमाल
रीठे के सूखे फल या छिलके का इस्तेमाल कपड़ों की सफाई में भी पारंपरिक रूप से किया जाता है। पानी में रीठे को भिगोने या उबालने से तैयार घोल को प्राकृतिक क्लीनिंग एजेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, महंगे, नाजुक या खास तरह के कपड़ों पर इस्तेमाल करने से पहले किसी छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर होता है। इससे कपड़े के रंग या फैब्रिक पर किसी तरह के अनचाहे प्रभाव की संभावना कम की जा सकती है।
घर की सफाई में भी आ सकता है काम
रीठे से तैयार प्राकृतिक घोल का इस्तेमाल कुछ घरेलू सफाई के कामों में भी किया जाता है। इसकी प्राकृतिक झाग बनाने वाली क्षमता के कारण इसे हल्की सफाई के लिए उपयोग किया जा सकता है।
यही वजह है कि रीठे को केवल बालों के लिए इस्तेमाल होने वाला फल नहीं माना जाता, बल्कि यह पारंपरिक रूप से बहुउपयोगी प्राकृतिक क्लीनिंग सामग्री रहा है।
रीठे का पौधा लगाने से क्या फायदा?
घर में रीठे का पेड़ लगाने का फायदा यह है कि एक बार पेड़ बड़ा होने के बाद उसके फल का इस्तेमाल कई घरेलू कामों में किया जा सकता है। इससे प्राकृतिक क्लीनिंग विकल्प उपलब्ध हो सकता है और बाजार में मिलने वाले कुछ सामान्य सफाई उत्पादों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा पेड़ घर के आसपास हरियाली भी बढ़ाता है। अगर आपके पास पर्याप्त खुली जगह है और आप पेड़-पौधे लगाने के शौकीन हैं तो रीठा एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।
इन गलतियों से बचें
रीठे का पौधा लगाते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना जरूरी है। सबसे पहले इसे ऐसी जगह न लगाएं जहां पानी जमा रहता हो। दूसरी बात, छोटे पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी न दें। तीसरी बात, पौधे के बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह का ध्यान रखें।
गमले में लगाने पर समय के साथ पौधे को बड़े कंटेनर में स्थानांतरित करना पड़ सकता है। वहीं जमीन में लगाने पर पहले से यह देख लें कि भविष्य में पेड़ के फैलाव से किसी तरह की समस्या न हो।
प्राकृतिक विकल्प के तौर पर बढ़ रही दिलचस्पी
आज जब लोग प्राकृतिक जीवनशैली और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों के बारे में ज्यादा जागरूक हो रहे हैं, ऐसे में रीठे जैसे पारंपरिक पौधों की उपयोगिता एक बार फिर सामने आ रही है। रीठे का पेड़ लगाने में धैर्य जरूर चाहिए, लेकिन इसके फल मिलने के बाद उनका इस्तेमाल बालों, कपड़ों और कुछ घरेलू सफाई के कामों में किया जा सकता है।
इसलिए अगर आपके पास घर में पर्याप्त जगह, धूप और पौधे की देखभाल के लिए समय है, तो आप रीठे के बीज से पौधा तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं। सही मिट्टी, पर्याप्त रोशनी, उचित पानी और समय के साथ यह छोटा पौधा एक उपयोगी पेड़ का रूप ले सकता है।