सहकारिता के क्षेत्र में पर्वतीय राज्यों में उत्तराखंड सबसे आगे

नई दिल्ली। हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि सहकारी समितियों, बागवानी तथा संबद्ध उत्पादों के विपणन को लेकर पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड सहित पर्वतीय राज्यों के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।

अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (NCDC) के माध्यम से पर्वतीय राज्यों में कृषि, बागवानी एवं संबद्ध उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों के दौरान इन राज्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। साथ ही तकनीकी सहयोग और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न पर्वतीय राज्यों में NCDC के नए कार्यालय भी स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL), कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) तथा जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग एवं विपणन के लिए राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) का गठन किया गया है। इन संस्थाओं के माध्यम से पर्वतीय राज्यों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के किसानों को अब तक 2,488 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं NCOL के माध्यम से राज्य के किसानों से 417 मीट्रिक टन जैविक गेहूं, 40 मीट्रिक टन जैविक बासमती और 30 मीट्रिक टन जैविक स्वीटनर्स का प्रापण किया गया है।

त्रिवेन्द्र सिंह रावत बोले— सहकारिता से किसानों को मिल रही नई ताकत

संसद में दिए गए जवाब पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

उन्होंने कहा कि संसद में प्रस्तुत आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तराखंड सहकारिता के क्षेत्र में देश के सभी पर्वतीय राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान पर्वतीय राज्यों को NCDC द्वारा प्रदान की गई ₹422.95 करोड़ की कुल वित्तीय सहायता में से ₹287.95 करोड़ (लगभग 68 प्रतिशत) अकेले उत्तराखंड को प्राप्त हुए, जो सभी पर्वतीय राज्यों में सर्वाधिक हैं।

रावत ने बताया कि उत्तराखंड BBSSL, NCEL और NCOL तीनों राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं में सदस्यता के मामले में भी पहले स्थान पर है। राज्य की 551 सहकारी समितियां BBSSL, 487 समितियां NCEL तथा 387 समितियां NCOL की सदस्य हैं, जो पर्वतीय राज्यों में सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि NCEL की कुल सदस्य समितियों में लगभग 56 प्रतिशत और NCOL की लगभग 54 प्रतिशत सदस्य समितियां अकेले उत्तराखंड की हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कृषि, बागवानी और जैविक उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।

सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "सहकारिता से समृद्धि" का संकल्प उत्तराखंड में तेजी से साकार हो रहा है और आने वाले समय में राज्य देश के लिए सहकारिता का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।