अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने बनाया इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल

अल्मोड़ा। पहाड़ के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने तकनीकी क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल का प्रोटोटाइप तैयार किया है। उनके द्वारा विकसित सिंगल-सीटर फ्लाइंग व्हीकल डिवाइस ‘हैपिडा स्काइनेक्स (Hapida Skynex)’ का अल्मोड़ा के हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में ट्रायल उड़ान का प्रदर्शन किया गया।

रवि टम्टा के अनुसार, कई वर्षों के शोध, डिजाइन और तकनीकी परीक्षणों के बाद इस प्रोटोटाइप को तैयार किया गया है। यह डिवाइस इलेक्ट्रिक पावर से संचालित है। ट्रायल उड़ान के बाद अब इसे और बेहतर बनाने तथा इसकी तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने पर काम किया जा रहा है।

प्रशासन की मौजूदगी में हुआ ट्रायल

हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में आयोजित ट्रायल के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के मौजूद रहे। प्रशासन की निगरानी में आवश्यक सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए ट्रायल प्रक्रिया पूरी की गई।

रवि टम्टा ने इस दौरान ‘हैपिडा स्काइनेक्स’ को उड़ाकर अपने विकसित किए गए प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया। डिवाइस की डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया और इलेक्ट्रिक पावर सिस्टम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

रवि के मुताबिक, यह परियोजना अभी विकास के चरण में है और इसे व्यावहारिक एवं सुरक्षित परिवहन साधन बनाने के लिए आगे कई स्तरों पर परीक्षण किए जाने बाकी हैं। वाहन की सुरक्षा, स्थिरता, क्षमता और प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का परीक्षण आगामी चरणों में किया जाएगा।

पहाड़ी क्षेत्रों में उपयोग की संभावनाएं

रवि टम्टा का कहना है कि भविष्य में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल शहरों में यातायात की समस्या को कम करने के साथ-साथ पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के वैकल्पिक साधन के तौर पर किया जा सकता है। आपातकालीन परिस्थितियों में दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाने में भी ऐसी तकनीक की संभावनाओं पर काम किया जा सकता है।

हालांकि, इसके व्यावहारिक और व्यापक उपयोग से पहले तकनीकी, सुरक्षा और नियामकीय स्तर पर कई परीक्षण और प्रक्रियाएं पूरी करना आवश्यक होगा।

पहले भी कई उपकरण तैयार कर चुके हैं रवि

रवि टम्टा इससे पहले भी विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई उपयोगी उपकरण विकसित कर चुके हैं। उनके अनुसार, उन्होंने स्वचालित उपकरणों के साथ-साथ दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए भी कई तकनीकी उपकरण तैयार किए हैं।

उनका लक्ष्य भारत में हवाई परिवहन के क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करना और इसे भविष्य में सुरक्षित एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम करना है।

सीएम धामी ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

रवि टम्टा की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे संवाद किया और उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस नवाचार को प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देते हैं।

मुख्यमंत्री ने रवि टम्टा को उनके प्रयासों के लिए बधाई देते हुए नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी इस उपलब्धि को अल्मोड़ा जनपद के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं के ऐसे प्रयास युवाओं को नई सोच और तकनीकी नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रशासन की ओर से नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।