यमकेश्वर में विजया बड़थ्वाल ने ठोका चुनावी दावा, भाजपा में बढ़ी हलचल
यमकेश्वर। लंबे समय तक राजनीतिक खामोशी के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं यमकेश्वर से तीन बार विधायक रह चुकीं विजया बड़थ्वाल ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। हाल ही में उन्होंने दिल्ली, लखनऊ और देहरादून में भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर यमकेश्वर विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी मजबूती से रखी है।
पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और उत्तराखंड महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष विजया बड़थ्वाल की लगातार बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से भाजपा के अंदर हलचल तेज हो गई है। हाल के दिनों में उनकी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष, गढ़वाल सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, तथा लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल से मुलाकातें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
तीन बार जीत चुकी हैं यमकेश्वर सीट
विजया बड़थ्वाल वर्ष 2002, 2007 और 2012 में यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी जा चुकी हैं। वे उत्तराखंड की खंडूड़ी और निशंक सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं।
हालांकि, वर्ष 2017 में भाजपा ने उनका टिकट काटकर तत्कालीन मुख्यमंत्री जनरल बी.सी. खंडूड़ी की पुत्री ऋतु खंडूड़ी को यमकेश्वर से प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद वर्ष 2018 में विजया बड़थ्वाल को उत्तराखंड महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्ष 2021 में उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद आयोग की जिम्मेदारी कुसुम कंडवाल को सौंपी गई।
वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें टिकट नहीं दिया और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई रेणु बिष्ट को यमकेश्वर से प्रत्याशी बनाया, जबकि ऋतु खंडूड़ी को कोटद्वार सीट से चुनाव लड़ाया गया।
क्षेत्र में बढ़ाई जनसंपर्क गतिविधियां
हाल के महीनों में विजया बड़थ्वाल ने यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में अपने जनसंपर्क अभियान को भी तेज किया है। क्षेत्रीय दौरे, कार्यकर्ताओं से मुलाकात और जनता के बीच लगातार सक्रिय उपस्थिति ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
भाजपा में टिकट को लेकर बढ़ी चर्चाएं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद यमकेश्वर की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला है। वनंतरा रिसॉर्ट प्रकरण और उसके बाद की घटनाओं को लेकर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट विपक्ष के निशाने पर रही हैं। इसी बीच पार्टी के संभावित सर्वे और टिकट वितरण को लेकर भी विभिन्न तरह की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में चल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व यमकेश्वर सीट पर उम्मीदवार बदलने के विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि इस सीट पर कोटद्वार नगर निगम के मेयर एवं पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा तथा बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में हैं।
निर्दलीय चुनाव लड़ने की भी चर्चा
राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि यदि भाजपा से टिकट नहीं मिलता है तो विजया बड़थ्वाल निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में विजया बड़थ्वाल की ओर से कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, यह भी चर्चा है कि कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) भी उनकी राजनीतिक रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।