2027 चुनाव से पहले कांग्रेस का उत्तराखंड पर फोकस

नई दिल्ली। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उत्तराखंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के नेताओं को संगठन की एकजुटता, आपसी समन्वय और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने का संदेश दिया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना जरूरी है।

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की रणनीति

बैठक में उत्तराखंड के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक हालात के साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में कांग्रेस की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि चुनावी तैयारियों के साथ संगठनात्मक समन्वय और सामूहिक नेतृत्व की भावना को मजबूत करना जरूरी है। पार्टी प्रदेश के स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच प्रभावी तरीके से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।

रामलीला मैदान की रैली के बाद उत्तराखंड पर मंथन

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के बाद उत्तराखंड को लेकर हुई यह बैठक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

महारैली में कांग्रेस और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग को घेरा था। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया था।

अब कांग्रेस इन मुद्दों के साथ उत्तराखंड के स्थानीय जनसरोकारों को भी आगामी चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने की तैयारी में है।

बैठक में ये वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा मौजूद रहीं।

इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह तथा चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने भी बैठक में भाग लिया। प्रदेश के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव भी बैठक में शामिल हुए।

गणेश गोदियाल बोले- उत्तराखंड में बदलाव तय

बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने दिल्ली की महारैली को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इससे मतदाताओं का रुख स्पष्ट हुआ है। गोदियाल ने दावा किया कि अब उत्तराखंड में बदलाव तय है।

वहीं प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और पार्टी प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने संगठन की एकजुटता, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनसरोकारों को आगामी चुनाव की तैयारी का आधार बताया।

2027 चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी तेज

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान प्रदेश संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दे रहा है। पार्टी की कोशिश है कि वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो और कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका मिले।

संगठन की मजबूती, जनसंपर्क और सामूहिक नेतृत्व के जरिए कांग्रेस प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह संगठनात्मक अभियान 2027 के विधानसभा चुनाव में कितना प्रभावी साबित होता है।