हरिद्वार में बैसाखी महोत्सव 2026: मुख्यमंत्री धामी ने दिया एकता और मानवता का संदेश

हरिद्वार/देहरादून: हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन एवं बैसाखी महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए सामाजिक एकता, समरसता और मानवता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाते हैं। सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्यों को उन्होंने प्रेरणादायी बताया।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे समय में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कोरोना काल में वैक्सीन सहायता, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने तथा आपदाओं के समय सहयोग देने को उन्होंने भारत की मानवीय प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार हैं और केंद्र व राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। साथ ही उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के विकास को प्राथमिकता बताया।

दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को और मजबूत करेगा।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।