धर्म रक्षक धामी पुस्तक का भव्य विमोचन, धामी सरकार के फैसलों का दस्तावेजीकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के दौरान लिए गए अहम और कड़े फैसलों को अब पुस्तक के रूप में संकलित किया गया है। हरिद्वार के ऋषिकुल ऑडिटोरियम में “धर्म रक्षक धामी” नामक पुस्तक का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और धर्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, लोकसभा सांसद अजय भट्ट और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने पुस्तक का लोकार्पण किया।

लेखिकाएं सोनाली मिश्रा और रीना मानसेरा द्वारा लिखी गई इस पुस्तक में मुख्यमंत्री धामी सरकार के उन निर्णयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिन्हें उत्तराखंड की राजनीति में निर्णायक माना जा रहा है। पुस्तक में लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अवैध मजारों और मदरसों पर कार्रवाई, नकल विरोधी कानून जैसे विषयों पर अलग-अलग अध्याय शामिल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक सरकार की उपलब्धियों का विवरण नहीं है, बल्कि सनातन और उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए उठाए गए साहसिक कदमों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने धर्म और कानून—दोनों की मर्यादा बनाए रखी है।

लोकसभा सांसद अजय भट्ट ने कहा कि “धर्म रक्षक धामी” पुस्तक उन फैसलों को सामने लाती है, जिनसे प्रदेश में सुशासन और कानून का राज स्थापित हुआ। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदर्भ ग्रंथ के रूप में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

पुस्तक की लेखिकाओं ने इसे शोध और तथ्यों पर आधारित बताया। लेखिका सोनाली मिश्रा ने कहा कि इस पुस्तक में भावनाओं के बजाय सरकारी निर्णयों और प्रमाणिक तथ्यों को आधार बनाया गया है, ताकि मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के ऐतिहासिक फैसले आमजन तक पहुंच सकें। वहीं, रीना मानसेरा ने कहा कि “धर्म रक्षक धामी” किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक विचार का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें कानून, संस्कृति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा गया है।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आमजन, संत-महात्मा और राजनीतिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।