उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं–12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से, 15 फरवरी तक चलेंगी
देहरादून | शिक्षा डेस्क
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) ने राज्य में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। बोर्ड सचिव विनोद कुमार सिमल्टी के अनुसार वर्ष 2026 की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इन तिथियों को माननीय सभापति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है।
शीतकालीन अवकाश को देखते हुए तय की गई एक माह की अवधि
बोर्ड सचिव ने जानकारी दी कि राज्य के कई विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश रहता है, इसी को ध्यान में रखते हुए प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए पूरे एक महीने की अवधि निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य सभी विद्यालयों में परीक्षाओं का सुचारू, व्यवस्थित और समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करना है।
750 प्रयोगात्मक परीक्षकों की हो रही नियुक्ति
प्रयोगात्मक परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए परिषद द्वारा परीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिषद कार्यालय में चयन की कार्यवाही जारी है। इस वर्ष करीब 750 प्रयोगात्मक परीक्षक नियुक्त किए जा रहे हैं, जो विभिन्न विद्यालयों में जाकर परीक्षाओं का संचालन करेंगे। बोर्ड का कहना है कि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराई जाएंगी।
एक लाख से अधिक छात्र होंगे शामिल
परीक्षार्थियों की संख्या की बात करें तो इस वर्ष
-
हाईस्कूल (कक्षा 10) में लगभग 1 लाख 12 हजार छात्र-छात्राएं
-
इंटरमीडिएट (कक्षा 12) में करीब 1 लाख 3 हजार परीक्षार्थी
बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परिषद ने पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो।
छात्रों और विद्यालयों से दिशा-निर्देशों के पालन की अपील
बोर्ड सचिव विनोद कुमार सिमल्टी ने विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और परीक्षार्थियों से प्रयोगात्मक परीक्षाओं से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा का अहम हिस्सा होती हैं, इसलिए छात्र इन्हें गंभीरता से लें और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हों।
परीक्षाओं को लेकर बढ़ी हलचल
उत्तराखंड बोर्ड की इस घोषणा के बाद से ही प्रदेशभर के विद्यालयों और छात्रों में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।