केंद्र सरकार की योजना में बड़ा बदलाव, अब इस नाम से जानी जाएगी सामाजिक सहायता योजना
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गरीब, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा देने वाली योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए पांच वर्षों में 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
14 अक्टूबर 2026 को जारी सरकारी जानकारी के मुताबिक, योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांग पेंशन की पात्रता और सहायता राशि में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।
दिव्यांग पेंशन की राशि में बदलाव
सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन के तहत सहायता राशि में संशोधन को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के अनुसार:
- 0 से 79 वर्ष की आयु: 375 रुपये की सहायता राशि।
- 80 वर्ष और उससे अधिक आयु: 625 रुपये की सहायता राशि।
- दिव्यांगता की पात्रता: बेंचमार्क दिव्यांगता का मानदंड 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किया जाएगा।
- न्यूनतम आयु की शर्त: दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता जन्म से निर्धारित किए जाने का प्रावधान है।
इन बदलावों का उद्देश्य अधिक पात्र दिव्यांगजनों को योजना के दायरे में लाना है। हालांकि, नए नियमों के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने बाकी हैं।
बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजना का भी बदलेगा नाम
केंद्र सरकार ने योजना के अंतर्गत आने वाली विभिन्न उप-योजनाओं के नाम बदलने को भी मंजूरी दी है।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना होगा।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना होगा।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना होगा।
- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री पारिवारिक लाभ योजना होगा।
सरकारी घोषणा के अनुसार, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन योजनाएं तथा पारिवारिक लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।
तीन महीने में लागू किए जाएंगे नए दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार ने बताया है कि दिव्यांग पेंशन के लिए पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से जुड़े संशोधित दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। अब योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने और दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव के फैसले से करोड़ों लोगों के लिए सामाजिक सहायता व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
खास बात: लाभार्थियों को सलाह है कि नई पात्रता और भुगतान संबंधी नियमों की अंतिम जानकारी के लिए सरकार के विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार करें।