उत्तराखंड में गुटखा और पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध, धामी सरकार का बड़ा फैसला

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य संबंधित खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और हानिकारक उत्पादों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रभावी कार्रवाई पर भी जोर दे रही है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा संबंधित खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष तक प्रतिबंध लागू रहेगा।

जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय

सरकार का यह कदम तंबाकू और निकोटीन के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संबंधित प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत लगाया गया है।

27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा सत्र

मुख्यमंत्री ने आगामी 27 अक्टूबर से गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित से जुड़े सभी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करने और तथ्यों के आधार पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के राजकीय मेडिकल कॉलेजों के साथ रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के संबंध में भी प्रगति हुई है। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए सीट आवंटन का आदेश मिलने की जानकारी भी उन्होंने दी।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।