किसानों के लिए बड़ी खबर, किसान क्रेडिट कार्ड से अब 5 लाख तक का ऋण
देहरादून। उत्तराखंड के किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। केंद्र सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाले फसल ऋण की सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। इससे खेती के लिए बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों को पहले की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
सरकार के अनुसार KCC के जरिए किसानों को समय पर और रियायती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
₹5 लाख तक की ऋण सीमा
केंद्र सरकार ने 2025-26 में किसान क्रेडिट कार्ड के तहत फसल ऋण की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। इसके अलावा पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए भी KCC सुविधा का विस्तार किया गया है।
उत्तराखंड के किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी जैसी गतिविधियों के लिए भी KCC सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते वे संबंधित पात्रता शर्तें पूरी करते हों।
₹2 लाख तक का ऋण बिना जमानत
किसानों के लिए एक और अहम बदलाव यह है कि ₹2 लाख तक के कृषि ऋण को जमानत-मुक्त किया गया है। यह सीमा 1 जनवरी 2025 से लागू है। इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
समय पर भुगतान करने पर ब्याज में राहत
KCC के तहत अल्पकालिक कृषि ऋण पर ब्याज दर 7 प्रतिशत निर्धारित है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त 3 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर 4 प्रतिशत तक रह जाती है।
उत्तराखंड के किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
KCC के लिए किसान अपने नजदीकी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में किसान की पहचान, भूमि और खेती से संबंधित जानकारी की जरूरत पड़ सकती है।
सरकार और बैंकों की ओर से KCC प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को आवेदन और ऋण प्रक्रिया में कम कागजी कार्रवाई का लाभ मिल सकता है।
किन किसानों के लिए उपयोगी है KCC?
किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेती की जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इसमें बीज, खाद, कृषि कार्यों और अन्य अल्पकालिक कृषि जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को भी KCC के दायरे में शामिल किया गया है।