उत्तराखंड विधानसभा में हंगामे के बीच 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट पास
भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के अंतिम सत्र में बुधवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित करा लिया। सदन में विरोध और नारेबाजी के बीच कई विधेयकों को भी मंजूरी दी गई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और अंकिता भंडारी प्रकरण पर सरकार को घेरा
सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, अंकिता भंडारी प्रकरण और अन्य मामलों पर सरकार से जवाब मांगा।
कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे। विरोध के दौरान काले झंडे दिखाए गए और सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित
विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने राज्य के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित करा लिया। इसके साथ ही विनियोग विधेयक सहित विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों को भी मंजूरी दी गई।
सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट राज्य की विकास योजनाओं और विभिन्न आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी।
प्रश्नकाल और जनहित के मुद्दों पर कार्यवाही प्रभावित
हंगामे के चलते प्रश्नकाल सहित सदन की नियमित कार्यवाही प्रभावित रही। नियम 58 के तहत बहुजन समाज पार्टी के विधायक मोहम्मद शहजाद ने हरिद्वार जिले में भू-कटाव और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाया। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने इस संबंध में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
इसके अलावा कोटद्वार-लैंसडौन वन प्रभाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान घायल लोगों को लंबित भुगतान का मामला भी उठा। विधानसभा अध्यक्ष ने संबंधित पीड़ितों को एक महीने के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए।
विपक्ष ने उठाए चर्चा नहीं होने के सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। विपक्ष की मांग थी कि भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों पर सदन में चर्चा कराई जाए। दूसरी ओर, सरकार ने विपक्ष पर हंगामे के जरिए विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि व्यवधान के बावजूद सरकार ने आवश्यक वित्तीय और विधायी कार्य पूरे किए।
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ विधानसभा सत्र
हंगामे और नारेबाजी के बीच अनुपूरक बजट तथा विधेयकों के पारित होने के बाद बुधवार दोपहर विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र का समापन हुआ।
सत्र के दौरान बजट और विधेयकों को मंजूरी तो मिल गई, लेकिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।