उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 5% की छूट, 28% अंक पर होंगे पास
देहरादून। उत्तराखंड में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण अंकों में 5 प्रतिशत की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत संबंधित श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।
इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित विद्यार्थियों को यह राहत देने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन किया जाएगा।
इस निर्णय का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत प्रदान करना और उनकी शैक्षिक प्रगति के अवसरों को बेहतर बनाना है।
एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग का दायरा बढ़ेगा
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित निःशुल्क कोचिंग योजना की पारिवारिक वार्षिक आय सीमा में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब यह सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है।
इससे अधिक पात्र विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना का लाभ उठा सकेंगे।
खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
बैठक में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा राज्य में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड के गठन का निर्णय लिया गया।
सड़क निर्माण और प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क और पुल निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था में निर्माण के दूसरे चरण के विभिन्न कार्यों की स्वीकृति एक साथ देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे पहाड़ कटान के बाद सुरक्षा दीवार, पुलिया और जल निकासी जैसे जरूरी कार्य समय पर कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, लंबित स्टाम्प मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने तथा राज्य के विभिन्न विभागों और संस्थानों से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर सरकार का जोर
धामी कैबिनेट के इन फैसलों में शिक्षा, सामाजिक कल्याण, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कुल 25 प्रस्ताव शामिल रहे। दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत और एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग की आय सीमा बढ़ाने के निर्णय को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नोट: दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण अंकों में छूट से संबंधित प्रावधानों के लागू होने की अंतिम स्थिति और पात्रता के विस्तृत नियमों के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की आधिकारिक अधिसूचना देखना उचित होगा।