उत्तराखंड के शिक्षक की राष्ट्रीय उपलब्धि पर प्रवासी उत्तराखंड समाज ने जताया गर्व

नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देशभर के 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया। इन सम्मानित शिक्षकों में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद, विकास क्षेत्र नैनीडांडा के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट भी शामिल रहे।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद गबर सिंह बिष्ट का दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा द्वारा गढ़वाल भवन में भव्य सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर सभा के महासचिव पवन कुमार मैठानी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक शिक्षक के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की मिट्टी से निकले एक शिक्षक की राष्ट्रीय उपलब्धि पर समूचे प्रवासी उत्तराखंड समाज के गर्व और सम्मान की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि गढ़वाल भवन में गबर सिंह बिष्ट का सम्मान कर सभा स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित शिक्षकों की सूची में गबर सिंह बिष्ट का नाम शामिल होना समस्त उत्तराखंडवासियों के लिए गर्व का विषय है।

पवन कुमार मैठानी ने कहा कि गबर सिंह बिष्ट ने यह साबित किया है कि पद छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि व्यक्ति अपने पद पर रहते हुए समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए किए गए कार्यों से बड़ा बनता है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान ने यह संदेश दिया है कि समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से सीमित संसाधनों के बीच भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने गबर सिंह बिष्ट को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस सम्मान समारोह ने प्रवासी उत्तराखंड समाज में भी खुशी और गौरव का माहौल पैदा किया।

कार्यक्रम में गढ़वाल हितैषिणी सभा के महासचिव पवन कुमार मैठानी, सांस्कृतिक सचिव वीरेंद्र सिंह नेगी, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य जगत सिंह असवाल, वॉइस ऑफ माउंटेन के पत्रकार जगमोहन सिंह रावत, संध्या रावत, जसवंत सिंह रावत, गढ़वाल भवन के मैनेजर धीरेन्द्र सिंह गुसाईं सहित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक गबर सिंह बिष्ट की धर्मपत्नी श्रीमती सुमित्रा देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण

गबर सिंह बिष्ट को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलना न केवल पौड़ी गढ़वाल बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। पहाड़ के ग्रामीण विद्यालय में शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी है।