वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार, धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला
देहरादून/बनबसा। उत्तराखंड में वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि पर लंबे समय से रह रहे पट्टेदारों और कब्जाधारकों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बनबसा, चम्पावत में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ग-3 एवं वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार नैनीताल जिले के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार दिए जाएंगे। वहीं देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण को भी मंजूरी दी गई है।
संबंधित भूमि का विनियमितीकरण एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।
24 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर
बनबसा में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इनमें पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी भी शामिल है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 से 2030-31 की अवधि में वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत और संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल योजना का लाभ
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को भी मंजूरी दी है। योजना के तहत राज्य के सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को रोजगार क्षमता और उद्यमिता से जुड़े कौशल उपलब्ध कराए जाएंगे।
योजना पर पांच वर्षों में करीब ₹200 करोड़ खर्च किए जाने का प्रावधान है।
बनबसा-टनकपुर के लिए भी बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें श्रेणी-1 ‘ख’ और तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द शुरू करने की बात कही गई है।
इसके अलावा शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विस्तार की घोषणा की गई।
टनकपुर के ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने तथा बनबसा-टनकपुर में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।
लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद
वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि से जुड़े लोगों के लिए भूमिधरी अधिकार का फैसला लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पात्र पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमि पर अधिक स्पष्ट और सुरक्षित अधिकार मिलने का रास्ता खुल सकता है।