नमो क्रिकेट लीग में सीएम धामी ने बढ़ाया युवा खिलाड़ियों का उत्साह
पंचकूला। ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित नमो क्रिकेट लीग में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में देशभर की 30 से अधिक टीमों ने भाग लिया। इस दौरान खिलाड़ियों और आयोजकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका परिचय लिया और उनके खेल अनुभवों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मैदान पर खेलते समय जिस तरह खिलाड़ी टीम भावना, अनुशासन और एक-दूसरे के सहयोग के साथ आगे बढ़ते हैं, उसी तरह जीवन में भी सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास के साथ लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
सीएम धामी ने युवाओं से खेलों को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत करते हैं।
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
नमो क्रिकेट लीग के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने “क्रिकेट को हां, नशे को ना” का संदेश देते हुए युवाओं से अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के लिए नशामुक्त वातावरण जरूरी है। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर समाज को मजबूत बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि सफलता के लिए प्रतिभा के साथ-साथ मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास भी जरूरी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने प्रदर्शन के माध्यम से परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने मुख्यमंत्री के साथ बातचीत और उनके द्वारा मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाए जाने को लेकर खुशी जाहिर की। नमो क्रिकेट लीग को युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।