PM-SYM: असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी ₹3,000 मासिक पेंशन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की महत्वपूर्ण योजना है। अगस्त 2026 तक देशभर में इस योजना से 54 लाख से अधिक लाभार्थी जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

60 साल की उम्र के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने ₹3,000 की सुनिश्चित पेंशन दी जाती है। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है।

योजना में शामिल होने वाले व्यक्ति को उसकी उम्र के आधार पर हर महीने ₹55 से ₹200 तक योगदान करना होता है। केंद्र सरकार भी इसमें बराबर का योगदान करती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

PM-SYM में शामिल होने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए।

इसके अलावा आवेदक EPFO, ESIC या केंद्र सरकार के अंशदायी NPS का सदस्य नहीं होना चाहिए और वह आयकरदाता भी नहीं होना चाहिए।

किन कामगारों को मिल सकता है फायदा?

यह योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें मजदूर, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक और इसी तरह के अन्य असंगठित कामगार शामिल हो सकते हैं, बशर्ते वे योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।

क्यों महत्वपूर्ण है PM-SYM?

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले बड़ी संख्या में श्रमिकों के पास नियमित पेंशन या रिटायरमेंट के बाद आय का निश्चित स्रोत नहीं होता। ऐसे में PM-SYM उन्हें वृद्धावस्था में नियमित आय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है।

अगस्त 2026 तक PM-SYM में 54 लाख से अधिक लोग नामांकित हो चुके हैं।

योजना का नाम

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)

मुख्य लाभ

60 वर्ष की उम्र के बाद ₹3,000 प्रति माह सुनिश्चित पेंशन।

पात्रता

18 से 40 वर्ष की आयु और मासिक आय ₹15,000 तक, साथ ही निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करना जरूरी है।