चमोली: निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में मलबा-पानी भरने से 7 मजदूरों की मौत, 14 घायल

पीपलकोटी के मायापुर में हादसा, रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन; 16 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया

चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में गुरुवार शाम मलबा और पानी भर जाने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल मजदूरों को गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक और घायल मजदूर बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बताए जा रहे हैं।

घटना गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे हुई। टनल में 20 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ समेत संबंधित एजेंसियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रारंभिक कार्रवाई में 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद टनल में फंसे अन्य श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए देर रात तक अभियान जारी रहा।

सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमें भी पहुंचीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। बचाव अभियान में उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की लगातार निगरानी की गई और टनल में फंसे श्रमिकों तक सुरक्षित पहुंच बनाने के प्रयास किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी और प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए।

झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से धामी ने की बात

मुख्यमंत्री धामी ने टनल हादसे के संबंध में झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति की जानकारी दी।

धामी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और 16 श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास और भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होने पर उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग लगातार कर रहा निगरानी

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

एसपी सुरजीत पंवार ने कहा कि जिला प्रशासन और राहत-बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियां घटनास्थल पर समन्वय के साथ काम कर रही हैं। बचाव अभियान में सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे श्रमिकों की सुरक्षित निकासी और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।