मुख्य सचिव ने कई योजनाओं के लिए निर्देश दिए, सुधार की नई पहल
उत्तराखंड राज्य सरकार ने सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में गर्ल्स टॉयलेट निर्माण कार्य को 8 मार्च, 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, स्कूलों में शौचालयों की सफाई और देखभाल के लिए शीघ्र एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
यह निर्णय मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा सचिवालय में आयोजित सचिव समिति बैठक के दौरान लिया गया। इस बैठक में वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी भी जुड़े रहे।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्यभर में अधिकांश स्कूलों में टॉयलेट तो मौजूद हैं, लेकिन उनकी सफाई और देखभाल की उचित व्यवस्था न होने के कारण इनका सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को हल करने के लिए शिक्षा विभाग को सभी सरकारी स्कूलों के लिए टॉयलेट निर्माण और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एक वर्क प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
आंगनवाड़ी केन्द्रों का विकास
मुख्य सचिव ने प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनवाड़ी केन्द्रों की तर्ज पर विकसित करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के सीएसआर फंड का पूरा उपयोग आंगनवाड़ी केन्द्रों के विकास में किया जाएगा।
इसके अलावा, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने आसपास के आंगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नए आंगनवाड़ी केन्द्रों को विद्यालयों के पास स्थापित किया जाएगा ताकि आंगनवाड़ी और स्कूल के बीच का गैप कम किया जा सके और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
खेल विभाग और ओलंपिक तैयारी
मुख्य सचिव ने खेल विभाग को आगामी ओलंपिक गेम्स 2036 के लिए तैयारियों पर जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों को आगामी ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए तैयार करना बहुत जरूरी है। इसके लिए विभिन्न खेलों में बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि हर जिले में प्रमुख खेलों का चयन किया जाएगा, और वन डिस्ट्रिक्ट, वन स्पोर्ट योजना के तहत प्रत्येक जिले में खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
ई-ऑफिस व्यवस्था और बायोमैट्रिक उपस्थिति
मुख्य सचिव ने 100 प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए। इसके तहत सभी विभागों और उनके जनपद स्तरीय कार्यालयों में डिजिटल प्रणाली का पूरी तरह से उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, आधार आईडी आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली भी प्रदेशभर में लागू की जाएगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति को प्रभावी रूप से ट्रैक किया जा सके।
पर्यटन और संस्कृति
मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में पहचानने और विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले से अपनी प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची सचिव पर्यटन को जल्द भेजी जाए। साथ ही, वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल के तहत जिले में होने वाले प्रमुख त्योहारों को बढ़ावा देने की योजना बनाई जाएगी।
समापन
इस बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।