सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम बना जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में मॉडल जिला चंपावत में संचालित सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम आम लोगों के लिए एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। यह कार्यक्रम एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराकर जनता को बड़ी राहत दे रहा है। इससे जहां जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी समाप्त हुई है, वहीं लोगों का समय और संसाधन भी बच रहे हैं।
अपनी त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यशैली के लिए जिले में मजबूत पहचान बना चुके जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब स्थिति यह है कि अन्य क्षेत्रों से भी लोग अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंच रहे हैं और उन्हें मौके पर ही समाधान मिल रहा है। आज शुक्रवार को बाराकोट के पोखराखाल मैदान में आयोजित सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गयाजिलाधिकारी मनीष कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शिविर का निरीक्षण किया गया। उद्यान विभाग के स्टॉल में प्रदर्शित ब्रोकली एवं फूलगोभी की उन्नत पैदावार किसानों की मेहनत और विभागीय मार्गदर्शन का जीवंत उदाहरण रही।शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकांश जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जबकि कुछ प्रकरणों में समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय अवधि के भीतर समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनता दरबार में ब्लॉक के विभिन्न गांवों से आए फरियादियों से जिलाधिकारी ने सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिक्षक जगदीश सिंह अधिकारी के संचालन में आयोजित जनता दरबार में लोगों ने शिविर का पूरा लाभ उठाया। जिलाधिकारी के कार्य और व्यवहार से संतुष्ट लोग इस विश्वास के साथ लौटे कि उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से होगा। दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा सरकार जनता के द्वार जैसी अवधारणा को राज्य स्तर पर लागू किया जाना एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे समाज के वंचित और उपेक्षित वर्ग को त्वरित लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए जनसमस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान जिला अधिकारी के द्वारा महिला समूह के द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की।