डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन
रुड़की में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनसंघ के संस्थापक, एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान और एक प्रधान के प्रबल समर्थक, राष्ट्रभक्त एवं अमर बलिदानी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में नगर निगम सभागार, रुड़की में आज शाम श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री श्री ओमप्रकाश जमदग्नि उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, रुड़की विधायक माननीय प्रदीप बत्रा एवं ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी मंचासीन रहे।
मुख्य अतिथि ओमप्रकाश जमदग्नि जी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने धारा 370 और 35-A जैसे असंवैधानिक प्रावधानों का विरोध कर देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते हुए "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" का नारा दिया, जो आज भी हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रवाद का प्रतीक है। उनके बलिदान को भूलाया नहीं जा सकता
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 23 जून को बलिदान दिवस के रूप में मनाकर देश की नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराती है।
विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करते हुए अनुच्छेद 370 को हटाकर देश को एक संविधान, एक विधान और एक निशान की दिशा में अग्रसर किया। यह निर्णय डॉ. मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है।