दून विश्वविद्यालय में गंगधारा विचारों का अविरल प्रवाह कार्यक्रम, CM धामी हुए शामिल
उत्तराखंड के देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय में गंगधारा विचारों का अविरल प्रवाह कार्यक्रम की शुरुवात हो गई है । 2 दिवसीय 4 सत्रों में समाप्त होने वाले व्याख्यानमाला में पहले दिन उद्घाटन सत्र आयोजित हुआ । देवभूमि विकास संस्थान और दून विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित व्याख्यामाला के सोचकर्ता हरिद्वार संसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की इस अवसर पर महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारतीय संस्कृति का चिंतन प्रवाह को लेकर पहले सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में जून अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी रहे । वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए।हरिद्वार संसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया व्याख्यान माला के माध्यम से संस्थान की कोशिश है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, वैज्ञानिकों सहित समाज के विद्वानों एवं बुद्धिजीवियों के विचारों को समझेने का प्रयास किया जाएगा । जिससे उनसे संवाद स्थापित कर जन सामान्य की समस्याओं के समाधान हेतु दूरगामी योजनाओं के निर्माण का ठोस आधार तैयार हो सके। व्याख्यामाला में पहुंचे बुद्धिजीवी , संत समाज और वैज्ञानिकों ने कहा समाज और राज्य की सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने हेतु यह एक ठोस कदम है । वही आयोजनकर्ताओं ने इस कार्यक्रम को समाज और पर्यावरण के लिए कारगर बताया है।