हरिद्वार में पूर्व मुस्लिमों की यात्रा का समापन

हरिद्वार की धर्मनगरी में रविवार को एक विशेष जागरूकता यात्रा का भव्य समापन हर की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर हुआ। यह यात्रा बिजनौर के गंगा बैराज से शुरू होकर हरिद्वार पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व मुस्लिम समुदाय के लोग और संत-महात्मा शामिल हुए।

जागरूकता और स्वतंत्रता का संदेश

दो दिवसीय इस पदयात्रा का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और धार्मिक स्वतंत्रता का संदेश देना था। यात्रा हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए हर की पैड़ी तक पहुंची, जहां इसका समापन धार्मिक अनुष्ठानों और प्रार्थना के साथ किया गया।

आयोजकों ने बताया उद्देश्य

यात्रा के संयोजक इमरोज आलम ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को जागरूक करना है, जो डर और भ्रम के कारण अपनी इच्छा के अनुसार जीवन नहीं जी पाते।
उन्होंने कहा कि कई लोग धर्म परिवर्तन को लेकर भय में रहते हैं और यह यात्रा उन्हें उस डर से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करती है।

संतों ने दिया आध्यात्मिक संदेश

इस अवसर पर संत राम विशाल दास सहित कई संत-महात्माओं ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना किसी दबाव के अपने विवेक के अनुसार धर्म अपनाने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
संतों ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भय या दबाव में न रहें और स्वतंत्र रूप से अपने जीवन के निर्णय लें।

गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़

समापन के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा का आशीर्वाद लिया और पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।

 

यह यात्रा न केवल सामाजिक जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के प्रति लोगों को प्रेरित करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

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