ईडी ने मनी लांड्रिंग के मामले में कांग्रेस नेता पर कसा शिकंजा

देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में उत्तराखंड के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, उनकी पत्नी दीप्ति रावत और 3 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. देहरादून स्थित विशेष मनी लॉन्ड्रिंग निवारण (PMLA) अदालत में आरोपपत्र दायर किया गया, जिसमें बीरेंद्र सिंह कंडारी, लक्ष्मी राणा और पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट का नाम शामिल है।

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसियों की हरक सिंह के करीबियों पर गहरी नजर है। इन करीबियों की आय से अधिक सम्पत्ति को लेकर नोटिस भी जारी हो चुके हैं। इन करीबियों ने कम समय में ही अकूत सम्पत्ति जोड़ ली है। इनकी बेनामी सम्पत्ति और प्रतिष्ठानों की भी जांच होने की संभावना जताई जा रही है।

इससे पूर्व, ईडी
2017 में भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार में वन मंत्री रहे और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपए की करीब 101 बीघा भूमि को जनवरी में अटैच कर दिया था।

यह भूमि हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा के नाम पर खरीदी गई थी। जिस पर पर श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण किया गया। इस इंस्टीट्यूट का संचालन हरक सिंह रावत के पुत्र तुषित रावत के पास है।

मौजूदा समय में हरक सिंह कांग्रेस में हैं। और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं।
हरक सिंह का कहना है कि चुनावों के मौसम में ईडी की सक्रियता बढ़ जाती है। इससे पहले भी लोकसभा चुनाव 2024 के समय भी ईडी ने छापेमारी की। और उसके बाद समय समय पर पूछताछ की।

पंचायत चुनाव के समय की गई ईडी की कार्रवाई से सत्ता के गलियारों में हलचल मच गई है।

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