देहरादून : चारधाम यात्रा को तैयारियों में जुटा पर्यटन विभाग

उत्तराखंड में हर वर्ष की भांति प्रदेश सरकार और  शासन—प्रशासन ने इस बार चारधाम यात्रा की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है जल्द ही केदारनाथ , गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथियां भी घोषित हो जाएंगी , अभी तक  बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गया है , बद्रीनाथ धाम के कपाट आगामी 4 मई को सुबह 6 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे, चारधाम यात्रा को।लेकर अब पर्यटन विभाग ने भी अपनी तैयारियों शुरू कर दी है  देखिए इस रिपोर्ट में


उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत जल्द होने जा रही है जिसको देखते हुए  राज्य सरकार के साथ साथ विभागीय स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई है ,ताकि इस वर्ष चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत ना हो, चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे का कहना है कि चारधाम यात्रा के तहत जो भी कार्य विभिन्न विभागों द्वारा किए जाते है उनकी तैयारी विभाग स्तर पर शुरू हो गई है,और जहां पर ट्रैक रूट खोलने की जरूरत है उसके लिए 15 मार्च से टीम। मोबाइलाइजेशन शुरू हो जाएगा साथ ही  विभागीय स्तर पर बैठकें भी शुरू गई है


 उत्तराखंड में होनी वाली चारधाम यात्रा में पिछले वर्षश्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भीड़ प्रबंधन में आई चुनौतियों को देखते हुए इस बार यात्रा से करीब दो महीने पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करने का फैसला किया है। जिसको लेकर पर्यटन सचिव का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की  व्यवस्था वर्ष 2022 से शुरू हुई है इसके अलावा यात्री व्हाट्सएप मैसेज या ऑन कॉल के जारी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है ,  सुविधा अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए भी उपलब्ध करवा दी गई है , लेकिन  कभी कभी यात्री बिना रजिस्ट्रेशन के भी आ जाते है और जिन्हें टूर ऑपरेटरस के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है , जिस कारण क्राउड मैनेजमेंट को लेकर स्थिति विकट हो जाती है , जिसके मद्देनजर अब आने वाली उच्चस्तरीय बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी ....


इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार शीतकालीन चारधाम को बढ़ावा दे रहे है दिसम्बर माह में शुरू हुई यात्रा में अब तक हजारों तीर्थयात्री चारों धामों के प्रवास स्थल पर पहुंच रहे है , प्रदेश सरकार चाहती है कि चार धाम यात्रा राज्य में 12 महीने संचालित हो और यहां के स्थानीय लोगों की आजीविका भी बढ़े,शीतकालीन यात्रा को लेकर पर्यटन सचिव का कहना है कि  उत्तराखंड में अत्याधिक बर्फबारी और यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार यहां टूरिज्म 6 महीने का ही माना जाता था,लेकिन शीतकाल यात्रा के दौरान चारधाम को समयावधि बढ़ेगी , साथ ही साथ यहां के स्थानीय निवासियों को आजीविका भी  सकारात्मक रूप से बढ़ेगी , वही इस बार को यात्रा ने लोगों को काफी प्रभावित किया है जो आने वाले वर्षों में और बढ़ेगी

उत्तराखंड में होने वाली चार धाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते है , जिस कारण उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में  पर्यटन को रीढ़ को हड्डी माना जाता है , जहां सरकार इसे 12 महीने संचालित करना चाहती है तो वही। जो मुख्य रूप से 6 माह चलने वाली यात्रा होती है  उसमें प्रदेश सरकार को कई चुनौतियां का सामना करना पड़ता है , सरकार भी चारों धामों के कपाट खुलने से पहले ही अपनी तैयारियां शुरू कर देती है , ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े , एक बार फिर बैठकों का दौर शुरू हो गया है ,  ताकि यह यात्रा सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो, लेकिन यात्रा के शुरुआती दौर में कुछ और ही देखने को मिलता है , ऐसे में सवाल यह है कि चारधाम यात्रा में होने वाली बैठकों  का क्रियान्वयन धरातल पर कितने प्रभावी रूप से उतरता है

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